नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि कुछ ही घंटों में भारत की स्वतंत्रता के 80वें वर्ष की शुभ शुरुआत होगी। राष्ट्रपति ने तीनों सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और पुलिस कर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत का सम्मान बढ़ाने वाले नागरिकों और विदेशों में भारतीय दूतावासों में कार्यरत लोगों की भी प्रशंसा की।
दुनिया में युद्ध के बीच तेजी से बढ़ रही भारत की अर्थव्यवस्था
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आज के भारत में हर व्यक्ति सपने देख सकता है और आगे बढ़ने का अवसर पा सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और अस्थिरता के कारण संकट की स्थिति बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है।
राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया में युद्ध और अस्थिरता के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर वैश्विक औसत से दोगुनी से अधिक रहने का अनुमान है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के आधे से अधिक वास्तविक समय वाले डिजिटल लेनदेन भारत में होते हैं।
न्याय व्यवस्था का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि न्यायिक प्रणाली से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि संसाधनों की कमी के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।
‘ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को दिखाई भारतीय सेना की क्षमता’
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने की भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता को प्रदर्शित किया है।
उन्होंने कहा कि आतंकवादियों और उनका समर्थन करने वालों को, वे चाहे कहीं भी छिपे हों, अपने किए का परिणाम भुगतना होगा।
सिंधु जल समझौता निलंबित करना राष्ट्रहित में बताया
राष्ट्रपति ने सिंधु जल समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में है। उन्होंने खास तौर पर किसानों के लिए इसे निर्णायक कदम बताया।
राष्ट्रपति ने 78 वीरता पुरस्कारों को दी मंजूरी
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है। इनमें 13 मरणोपरांत दिए जाने वाले वीरता पुरस्कार भी शामिल हैं।
3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा देश
राष्ट्रपति ने कहा कि मुफ्त राशन कार्यक्रम 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने बताया कि देश ने 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है और अब 3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
